
सन् 1980 के दशक के मध्य में आईएसआई की कार्य पद्धति को सांविधिक दर्जा प्रदान करने की जरूरत महसूस की गई जिसके परिणामस्वरूप बीआईएस अधिनियम 1986 लागू हुआ। स्पष्ट रूप से परिभाषित सांविधिक शक्तियों सहित मानकीकरण के सुमेलित विकास का संवर्धन करने तथा वस्तुओं की गुणता प्रमाणन हेतु आईएसआई का पुनःनामकरण भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के रूप में किया गया। यह अधिनियम अब बीआईएस अधिनियम के रूप में पुनरीक्षित किया गया है और बीआईएस को राष्ट्रीय मानक निकाय के रूप में स्थापित करता है।
अनिवार्य प्रमाणन के तहत उत्पाद
आईएसआई चिह्न स्कीम)
उत्पाद प्रमाणन प्रक्रिया
उत्पाद विशिष्ट दिशानिर्देश

बार बार पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बीआईएस लाइसेंस लेने हेतु प्रक्रिया क्या है ?
प्रमाणन स्कीम-1 हेतु लाइसेंस हेतु दिशानिर्देश
2. मेरे उत्पाद हेतु भारतीय मानक संख्या क्या है ??
3. फीस संरचना क्या है ?
हमारे संपर्क
आगे और कोई प्रश्न तथा/ या आवेदन जमा करने हेतु, कृपया निम्नलिखित को संपर्क करें :

Last Updated on फ़रवरी 5, 2026