
आई एस 19756 : 2026
पर्यावरण निगरानी सेवाओं की बेंचमार्किंग — दिशानिर्देश
वायु गुणवत्ता प्रबंधन, पेयजल सुरक्षा, अपशिष्ट जल उपचार, औद्योगिक उत्सर्जन, अपशिष्ट प्रबंधन एवं पारिस्थितिक आकलन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के लिए सुसंगत, विश्वसनीय एवं पारदर्शी पर्यावरण निगरानी सेवाएँ अनिवार्य हैं। यह भारतीय मानक पर्यावरण निगरानी सेवा प्रदाताओं की बेंचमार्किंग हेतु एक संरचित ढाँचा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया है, जिससे संगठन अपने प्रदर्शन की तुलना समकक्षों से कर सकें और निरंतर सुधार के लिए सर्वोत्तम प्रथाएँ अपना सकें।
यह भारतीय मानक स्थायी सुविधाओं, अस्थायी या मोबाइल सुविधाओं अथवा ग्राहक परिसरों पर कार्यरत पर्यावरण निगरानी सेवा प्रदाताओं पर लागू बेंचमार्किंग प्रणाली के विकास हेतु दिशानिर्देश प्रदान करता है। यह मानक प्रमुख पारिभाषिक शब्दों को परिभाषित करता है, जिनमें बेंचमार्क, बेंचमार्किंग एजेंसी, बेंचमार्किंग भागीदार, बेंचमार्किंग वस्तु, क्लस्टरिंग एवं पर्यावरण निगरानी सेवाएँ सम्मिलित हैं।
यह मानक छह प्रदर्शन श्रेणियाँ निर्धारित करता है — विश्वसनीयता, गुणवत्ता, संसाधन, ग्राहक सेवा, स्थिरता एवं पर्यावरणीय प्रदर्शन, तथा कार्मिक एवं सामाजिक विकास। प्रत्येक श्रेणी में प्रमुख मापदंड संकेतक एवं व्याख्यात्मक कारक निर्धारित हैं। तीन या अधिक विशेषज्ञों की सहमति के आधार पर प्रदर्शन स्कोर दिए जाते हैं और बेंचमार्किंग सूचकांक की गणना की जाती है, जिसे शून्य दशमलव पचहत्तर या उससे कम को निम्न से लेकर दो दशमलव छब्बीस से तीन तक को उत्कृष्ट तक की चार-स्तरीय श्रेणी पर व्याख्यायित किया जाता है।
यह मानक व्याख्यात्मक कारकों की आवश्यकताओं, परियोजना इनपुट की गोपनीयता तथा बेंचमार्किंग सूचकांक गणना एवं व्यक्तिगत मूल्यांकनकर्ता रिपोर्ट प्रारूप के दृष्टांत उदाहरण अपने परिशिष्टों में प्रदान करता है।
Last Updated on जून 24, 2026