इस सप्ताह का मानक


आई एस 19749 : 2026

परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संभाव्य जोखिम मूल्यांकन — दिशानिर्देश

यह भारतीय मानक परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए संभाव्य जोखिम मूल्यांकन (Probabilistic Risk Assessment — PRA) के संचालन हेतु एक मानकीकृत रूपरेखा प्रदान करता है। यह मानक जोखिम-आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने तथा जोखिम मूल्यांकन की विश्वसनीयता, एकरूपता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसका मुख्य फोकस पूर्ण शक्ति संचालन अवस्था में उत्पन्न आंतरिक घटनाओं के लिए स्तर-1 PRA पर है।

यह मानक PRA अध्ययनों के उद्देश्य, कार्यक्षेत्र, पारिभाषिक शब्दावली तथा अनुप्रयोग संबंधी आवश्यकताओं को निर्धारित करता है। इसका उद्देश्य डिजाइन एवं परिचालन संबंधी कमजोरियों की पहचान करना, जोखिम-आधारित सुरक्षा निर्णयों को समर्थन देना तथा यह सुनिश्चित करना है कि जोखिम मॉडल संयंत्र की वास्तविक निर्मित एवं संचालित स्थिति का सही प्रतिनिधित्व करें। यद्यपि यह मुख्यतः वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए विकसित किया गया है, परंतु इसे अनुसंधान रिएक्टरों तथा अन्य सुरक्षा-संवेदनशील सुविधाओं पर भी लागू किया जा सकता है।

मानक में संयंत्र परिचय, कोर क्षति की परिभाषा, आरंभिक घटनाओं का विश्लेषण, दुर्घटना अनुक्रम मॉडलिंग, सफलता मानदंड, प्रणाली मॉडलिंग, सामान्य कारण विफलता विश्लेषण, मानव विश्वसनीयता विश्लेषण, डेटा मूल्यांकन, जोखिम परिमाणीकरण, अनिश्चितता विश्लेषण, संवेदनशीलता विश्लेषण तथा महत्व विश्लेषण जैसी तकनीकी आवश्यकताओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। ये सभी तत्व कोर क्षति आवृत्ति का आकलन करने तथा प्रमुख जोखिम कारकों की पहचान में सहायक हैं।

यह मानक गुणवत्ता आश्वासन, प्रलेखन, सॉफ्टवेयर सत्यापन, विन्यास नियंत्रण तथा स्वतंत्र सहकर्मी समीक्षा (Peer Review) पर भी विशेष बल देता है। इसमें प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा PRA का विकास, सत्यापन एवं समीक्षा सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। एक एकीकृत एवं प्रौद्योगिकी-निरपेक्ष दृष्टिकोण प्रदान करते हुए यह मानक परमाणु सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाता है तथा जोखिम-आधारित निर्णयों में विश्वास बढ़ाता है।

Last Updated on जून 10, 2026

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