आने वाले वर्षों में प्रयोगशाला के कार्यक्षेत्र में निरंतर वृद्धि होती गई और एक पृथक प्रयोगशाला की आवश्यकता महसूस की गई। परिणामस्वरूप, वर्ष 1973 में इस सुविधा को साहिबाबाद स्थित वर्तमान परिसर में स्थानांतरित किया गया।
अंततः केंद्रीय प्रयोगशाला का शिलान्यास 24 मार्च 1973 को औद्योगिक क्षेत्र, साइट-4, साहिबाबाद, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश–201010 में तत्कालीन औद्योगिक विकास एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री तथा आईएसआई के अध्यक्ष श्री सी. सुब्रमणियम द्वारा किया गया। केंद्रीय प्रयोगशाला उन प्रयोगशालाओं में से एक थी, जिन्होंने 1995 में तथा 1997-98 में ISO/IEC गाइड 24 के अनुसार NABL प्रत्यायन प्राप्त कर अपनी दक्षता सिद्ध की।
वर्तमान में, प्रमाणन गतिविधियों में वृद्धि के साथ, केंद्रीय प्रयोगशाला ने लगभग 700 प्रकार के उत्पादों के परीक्षण की सुविधा विकसित की है, जिसमें यांत्रिक, विद्युत, रासायनिक, सूक्ष्मजीवविज्ञान तथा संदर्भ परख (Referral Assay) से संबंधित उत्पाद शामिल हैं।
केंद्रीय प्रयोगशाला के बारे में
यांत्रिक प्रयोगशाला के प्रमुख परीक्षण अनुभाग:
विद्युत प्रयोगशाला के प्रमुख परीक्षण अनुभाग:
रासायनिक प्रयोगशाला के प्रमुख परीक्षण अनुभाग:
सूक्ष्मजीवविज्ञान प्रयोगशाला के प्रमुख परीक्षण अनुभाग:
हॉलमार्किंग प्रयोगशाला:
कुल मानव संसाधन:
नई पहल:
प्रयोगशाला का आधुनिकीकरण:
हेलमेट परीक्षण: हेलमेट परीक्षण अनुभाग को विश्व में उपलब्ध नवीनतम परीक्षण उपकरणों से सुसज्जित कर दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट के परीक्षण हेतु IS 4151:2015 के अनुसार अत्याधुनिक सुविधा विकसित की गई है।
नई परीक्षण सुविधाएँ:
निम्नलिखित क्षेत्रों में नवीनतम उपकरणों एवं अवसंरचना के साथ अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाएँ विकसित की गई हैं:
नियमित चल रही गतिविधियाँ:
प्रमुख आयोजन:
औद्योगिक क्षेत्र के गुणवत्ता नियंत्रण कर्मियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए गए तथा निम्नलिखित कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए:
अन्य गतिविधियाँ:
केंद्रीय प्रयोगशाला द्वारा नियमित रूप से हिंदी पखवाड़ा, स्वच्छता पखवाड़ा, BIS स्थापना दिवस, सतर्कता जागरूकता सप्ताह आदि का आयोजन किया जाता है।
Last Updated on January 14, 2026