इस सप्ताह का मानक


IS 19670 : 2026 / ISO 19092 : 2023

वित्तीय सेवाएँ — बायोमेट्रिक्स — सुरक्षा ढाँचा

यह भारतीय मानक, वित्तीय सेवाओं में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के उपयोग हेतु एक व्यापक सुरक्षा ढाँचा निर्धारित करता है, विशेष रूप से खुदरा भुगतान प्रणालियों के लिए। इसका उद्देश्य फिंगरप्रिंट, चेहरा, आईरिस और वॉयस जैसे बायोमेट्रिक तकनीकों के माध्यम से ग्राहकों की सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रभावी पहचान सुनिश्चित करना है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप समन्वय बनाए रखना है।

यह मानक बायोमेट्रिक प्रणाली के प्रमुख घटकों जैसे नामांकन, डेटा संग्रह, भंडारण, तुलना और निर्णय प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है। इसमें हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और संचार माध्यमों के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों का वर्णन किया गया है तथा बायोमेट्रिक डेटा के पूरे जीवनचक्र—नामांकन से लेकर समाप्ति तक—के प्रबंधन को शामिल किया गया है। साथ ही, यह संभावित खतरों और कमजोरियों जैसे फर्जी प्रस्तुति और डेटा उल्लंघन की पहचान कर उनके समाधान हेतु आवश्यक नियंत्रण उपाय भी सुझाता है।

इसमें विभिन्न प्रणाली संरचनाओं और संचालन परिदृश्यों, जैसे बायोमेट्रिक सत्यापन और पहचान, का भी वर्णन किया गया है। इसके अतिरिक्त, सटीकता, त्रुटि दर, इंटरऑपरेबिलिटी तथा उपयोगकर्ता सुविधा जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि प्रणाली का प्रभावी और व्यावहारिक कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

समग्र रूप से, यह मानक वित्तीय लेन-देन में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के सुरक्षित उपयोग के लिए एक संगठित ढाँचा प्रदान करता है, जिससे विश्वास बढ़ता है, संवेदनशील डेटा की सुरक्षा होती है और वित्तीय संस्थानों तथा संबंधित पक्षों को डिजिटल भुगतान प्रणाली में उच्च स्तर की सुरक्षा, दक्षता और अनुपालन बनाए रखने में सहायता मिलती है।

Last Updated on April 28, 2026

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