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वर्ष 1981-82 के दौरान, ईआरओएल (EROL) को एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय प्रयोगशाला के रूप में स्थापित किया गया। प्रमुख विस्तार योजनाओं के साथ, केंद्र को वर्तमान विशाल परिसर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।

पूर्वी क्षेत्रीय प्रयोगशाला (ईआरओएल) बीआईएस की एक प्रमुख प्रयोगशाला है, जिसे अनुरूपता मूल्यांकन योजना को समर्थन देने के लिए स्थापित किया गया है। यह इस्पात, सीमेंट और जूट उत्पादों के लिए अनुरूपता मूल्यांकन के अग्रणी क्षेत्रों में अग्रदूत रही है।

प्रयोगशाला का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता परीक्षण, प्रशिक्षण का संचालन करना तथा आधुनिक विज्ञान के अंतर्विषयी क्षेत्रों में नई और आधुनिक तकनीकों के लिए केंद्रीकृत सुविधाओं को बढ़ावा देना है।

प्रयोगशाला को एनएबीएल मान्यता प्राप्त है, जो सितंबर 2023 तक वैध थी।

EROL Laboratory

मुख्य समय-सीमा

  • 1968: ईआरओएल ने चौरंगी एप्रोच में कार्य करना प्रारंभ किया।
  • 1981: ईआरओएल और ईआरओ ने कांकुरगाछी भवन में कार्य करना प्रारंभ किया तथा विद्युत प्रयोगशाला ने चौरंगी एप्रोच में कार्य करना शुरू किया।
  • 2018: ईआरओएल द्वारा पीडीडब्ल्यू परीक्षण प्रारंभ किया गया, जो बीआईएस की चौथी प्रयोगशाला बनी।
  • 2019: रेफरल असे प्रयोगशाला कार्यशील हुई, जो बीआईएस की तीसरी प्रयोगशाला है। माइक्रोबायोलॉजिकल प्रयोगशाला भी कार्यशील हुई।
  • 2021: अत्याधुनिक उपकरणों (ICP-MS, GC-MS/MS, LC-MS/MS, AAS, आयन क्रोमैटोग्राफ) से युक्त इंस्ट्रूमेंटेशन प्रयोगशाला कार्यशील हुई।
  • 2021: खिलौना परीक्षण एवं फुटवियर परीक्षण प्रारंभ किए गए।
EROL Main Building
EROL Laboratory

Last Updated on January 15, 2026